Tuesday, January 1, 2013

एक अनजान जिंदगी का जाना

०१ जनवरी २०१३

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वह चली गयी।

आज उसकी अस्थियाँ भी गंगा में प्रवाहित कर दी गयी।


वह जिसका कोई नाम नहीं जानता, आज उसके कई नाम हैं,

वह जिसे कोई नहीं जानता था आज पूरा देश जानता है।


१६ दिसम्बर २०१२ को शुरू हुआ उसका दर्दनाक सफ़र समाप्त हो गया। अब वह एक अंतहीन सफ़र पर चली गयी। कितने सपने कितने अरमान वह यहाँ पर अधुरा छोड़ कर जाने के लिए मजबूर कर दी गयी। जिस पुरुष दोस्त के साथ वह अगले महीने जीवन भर का सफ़र शुरू करने वाली थी, कौन जानता था की उस दिन बस में उन दोनों का एक साथ आखिरी सफ़र होगा। उन छह दरिंदों ने एक जिंदगी व्यर्थ कर दी। पुरुष दोस्त ने बचाने की कोशिश तो बहुत की पर उन लोगों के वहशी पण के आगे उनकी एक न चली। उन लोगों ने दोनों को चलती बस से इस तरह से नीचे फ़ेंक दिया जैसे की आम तौर पे हम लोग चिप्स, बिस्कुट या चौकलेट के खली रैपर फ़ेंक देते हैं। आखिर यह कैसा समाज हमने विकसित किया है, यह कैसे संस्कृति है।

अब चाहे उन लोगों को कोई भी सजा मिल जाये पर उसकी इज्ज़त और जिंदगी तो व्यर्थ ही हो गयी। उसको सच्ची श्रधांजलि तभी होगी जब हम अपेन निजी जिंदगी में, निजी सोच में परिवर्तन लायें और एक मज़बूत और सुरक्षित समाज का निर्माण करें।  आज हमारे देश में कन्या न तो गर्भ में सुरक्षित हैं न ही गर्भ के बाहर सुरक्षित है।


जिस लोकतंत्र पे हमे ऐतबार था,

आज उसपे ऐतराज क्यों है।

जिस संस्कृति पे हमें गुमा था,
आज वह गुमनाम क्यों है।।


आज वह मर गयी है पर ऊपर स्वर्ग से जब वह देख रही होगी तो यह सोच रही होगी की शायद उसकी मौत आगे कई मौतों तो रोकने में कामयाब हो। शायद इस नए साल में ऐसी कोई और घटना न हो। शायद इसलिए हजारों लाखों लोग सड़क पर उतर आयें हैं।

अभी तो बारिश की चंदे बूँदें गिरी हैं,
अभी आने वाला सैलाब है।

जला के रखो इस जोश की लौ को
अभी आने वाला इन्कलाब है।। 

1 comment:

  1. We can not expect overnight change in the society. It will need probably a few generations to sow the seed of humanity and get back sanity in the society. Nothing has really changed with this incident..infact more and more such atrocities are coming into limelight. The barren fields of the law makers and the so called drivers of this country need to be ploughed once again and new crop needs to be cultivated to reap a better crop of humanity..It will take time..have patience..

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